सीटों और उम्मीदवारों का समीकरण:
भाजपा ने अपने संख्या बल के आधार पर 8 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। सपा ने अपनी ताकत के अनुसार 2 उम्मीदवारों का नामांकन कराया है, जिनमें पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी शामिल हैं। इस चुनाव में मुख्य दलों के अलावा 2 निर्दलीय उम्मीदवारों (कंटे स्याना और ओंकार नाथ चौरसिया) ने भी अपना पर्चा दाखिल किया था। लेकिन चुनाव आयोग की स्क्रूटनी (नामांकन पत्रों की जांच) के दौरान दोनों के पर्चे तकनीकी खामियों की वजह से खारिज कर दिए गए। नियमानुसार राज्यसभा नामांकन के लिए प्रस्तावक के रूप में विधायकों के हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं, लेकिन इन निर्दलीय प्रत्याशियों के पास किसी भी विधायक का समर्थन नहीं था।
औपचारिक घोषणा कब होगी?
नामांकन पत्रों की जांच के बाद, चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 9 अक्टूबर को नाम वापसी की समयसीमा समाप्त होगी। उसी दिन निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) आधिकारिक रूप से सभी 10 प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने का एलान कर उन्हें जीत का सर्टिफिकेट सौंप देंगे।
