लखनऊ। अयोध्या श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता नहीं पाई गई है, ऐसे में साधु-संतों और अयोध्या धाम को बदनाम करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण और आश्चर्यजनक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 23 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई। जांच के दौरान आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें छह लोग चढ़ावे में कथित रूप से हेराफेरी करते पाए गए, जबकि दो अन्य संदिग्धों की भी पहचान हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी साधु-संत की भूमिका सामने नहीं आई है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिना किसी तथ्य के साधु-संतों, अयोध्या धाम और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यों से जुड़े लोगों को बदनाम करना उचित नहीं है। उन्होंने इसे आस्था और धार्मिक संस्थाओं की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इस मामले में लगातार आरोप लगा रही हैं, जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार पर रामभक्तों पर गोली चलवाने का आरोप रहा है। वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने न्यायालय में शपथपत्र दाखिल कर प्रभु श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
